नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने वीरेंद्र सिंह को लोकायुक्त बनाने का फैसला वापस लेते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस संजय मिश्रा को नया लोकायुक्त नियुक्त करने का ऐलान किया है. जस्टिस मिश्रा बलरामपुर में एडमिनिस्ट्रेटिव जज भी रह चुके हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार

सुप्रिम कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक साधारण से मामले में यूपी के संवैधानिक पदाधिकारी एक राय नहीं बना पाए. नियुक्ति के लिए कई बार वक्त दिया गया लेकिन लंबी बैठकों का दौर चला और जस्टिस वीरेंद्र सिंह का नाम यूपी सरकार ने कोर्ट के सामने रखा. लेकिन हमें उनके बारे में कई तथ्य साफ नहीं हैं इसलिए उनके नाम पर गंभीर संदेह है.

संदेह होने पर विरेंद्र सिंह का नाम हटाया

कोर्ट ने कहा कि संदेह होने के कारण विरेंद्र सिंह का नाम हटाया जा रहा है. उम्मीद है कि अब संजय मिश्रा के नाम पर सभी की सहमति बनेगी. कोर्ट ने कहा कि दुख इस बात का है कि अगर पहले पता चलता कि हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस वीरेंद्र सिंह के नाम पर सहमत नहीं हैं तो ये हालात नहीं होते.

कोर्ट ने बदला अपना फैसला

दिसंबर में लोकायुक्त की नियुक्ति न होने से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को जमकर फटकार लगाई थी. आदेश जारी करने के बावजूद लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं होने से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने खुद ही लोकायुक्त की नियुक्ति कर दी थी और विरेंद्र सिंह को लोकायुक्त बना दिया था.