नई दिल्ली. राजस्थान के बाड़मेर के बाद अब दिल्ली में इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास बुधवार को एक ‘संदिग्ध’ बैलून देखे जाने पर खलमली मच गई. सुरक्षा एजेंसियों और भारतीय वायुसेना को जैसे ही इसकी खबर मिली उन्होंने आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया.
 
यह गुब्बारा दिल्ली के आया नगर के पास शाम पांच बजे नजर आया है, जो कि दिल्ली एयरपोर्ट के पास काफी नजदीक है. दिल्ली पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है.
 
बाड़मेर में भी मिला था संदिग्ध बैलून
इससे पहले 26 जनवरी को राजस्थान के बाड़मेर के गुगड़ी गांव के पास भी ऐसा ही एक संदिग्ध बैलून दिखा था, जिसे भारतीय वायुसेना के सुखोई ने मार गिराया था. वायुसेना के मुताबिक उसके रडार पर करीब सुबह 10.30 और 11 के बीच में बैलून की तरह कोई संदिग्ध चीज दिखी. इसके बाद वायुसेना के लड़ाकू विमान सुखोई को भेजा गया, जिसने संदिग्ध दिखने वाली वस्तु को मार गिराया.
 
पाक का था बैलून: पर्रिकर
रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि बाड़मेर में वायुसेना के लड़ाकू विमान ने बैलून को इसलिए मार गिराया गया, क्योंकि एक तो वह पाकिस्तान से तरफ से उड़कर आया था और दूसरी वायुसेना के रडार में संदिग्ध दिखी इसलिए उसे बिना देरी किए मार गिराया गया. बाद में जब जांच हुई तो पता चला कि उसमें कोई विस्फोटक पदार्थ नहीं, बल्कि हीलियम भरा हुआ था.
 
‘सुरक्षा तैयारियों का जायजा ले रहा था पाक’
रक्षा सूत्रों का कहना है कि ऐसे मामलो में कोई रिस्क नहीं लिया जा सकता, जिस वजह से ऐसी कार्रवाई हुई. रक्षा जानकार यह भी कह रहे हैं कि ऐसी संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि पाकिस्तान भारत की सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेने के लिए भी ऐसी हरकत कर सकता है. इस मामले को लेकर रक्षा मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट विदेश मंत्रालय को भेज दी है.