नई दिल्ली. देश भर से पकड़े गए आतंकी संगठन IS के 14 आतंकियों से पूछताछ से खुलासा हुआ है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI आतंकी वारदात के लिए IS के कंधे का इस्तेमाल करने की कोशिश में है ताकि आतंकी हमला होने पर IS का नाम आए और उस पर ऊंगली न उठे.

एनआईए सूत्रों के मुताबिक खुफिया एजेंसियों को शक है कि हाल में ही पकडे गए IS के 14 आतंकियों के हैंडलर मोहम्मद सफी अरमार को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI फंड कर रही है. इस फंड से सफी भारतीय युवकों को भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार कर रहा है.

खुफिया एजेंसियों को ISI पर इस बात का भी शक है कि उसने सफी अरमार की इराक और सीरिया जाने में मदद की और पिछले कुछ दिनों में उसे करीब 8 लाख रुपए दिए हैं.

सूत्रों के मुताबिक सफी अरमार करीब 8 महीने पहले तक पाकिस्तान में था और उसके बाद वो इराक और सीरिया गया जहां उसने IS नेटवर्क से संपर्क साधा.

सूत्रों का कहना है कि ISI सफी के जरिए ज्यादा से ज्यादा युवकों को IS से जोड़कर भारत में आतंकी हमले कराने की कोशिश में है. ISI की योजना ये है कि हमले की स्थिति में IS का नाम आएगा और उस पर ऊंगली नहीं उठेगी.