नई दिल्ली. अरुणाचल प्रदेश में राजनीतिक संकट की वजह से लगे राष्ट्रपति शासन पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा. कांग्रेस ने इसका विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.
 
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति ने कैबिनेट की सिफारिश के दो दिनों बाद ही इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर दिए थे. मामले पर कांग्रेस के नेताओं ने इसे पक्षतापूर्ण व्यवहार बताया है.
 
इस राज्य में पिछले साल 16 दिसंबर को राजनीतिक संकट शुरू हो गया था, जब कांग्रेस के 21 बागी विधायकों ने बीजेपी के 11 सदस्यों और दो निर्दलीय विधायकों के साथ मिलकर एक अस्थाई स्थान पर आयोजित सत्र में विधानसभा अध्यक्ष नबाम रेबिया पर ‘महाभियोग’ चलाया. विधानसभा अध्यक्ष ने इस कदम को ‘अवैध और असंवैधानिक’ बताया था.
 
कांग्रेसी मुख्यमंत्री नबाम तुकी के खिलाफ जाते हुए पार्टी के बागी 21 विधायकों ने बीजेपी और निर्दलीय विधायकों की मदद से एक सामुदायिक केंद्र में सत्र आयोजित किया. इनमें 14 सदस्य वे भी थे, जिन्हें एक दिन पहले ही अयोग्य करार दिया गया था.
 
राज्य विधानसभा परिसर को स्थानीय प्रशासन द्वारा ‘सील’ किए जाने के बाद इन सदस्यों ने सामुदायिक केंद्र में उपाध्यक्ष टी. नोरबू थांगडोक की अध्यक्षता में तत्काल एक सत्र बुलाकर रेबिया पर महाभियोग चलाया था.