नई दिल्ली. पूरा देश अपना 67 वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. देश की राजधानी दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया है. फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद भी दिल्ली में हैं. इस लिहाज से सुरक्षा व्यवस्था में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है. देश में आतंकवादी हमलों के खतरे के मद्देनजर दिल्ली पहले ही हाई अलर्ट पर चल रही है. गांव क्या शहर क्या आज पूरा देश गणतंत्र दिवस के रंग में रंगा है.
 
फ्रांस्वा ओलांद हैं मुख्य अतिथि 
फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे. गणतंत्र दिवस समारोह के इतिहास में पहली बार फ्रांस की सेना का 76 सदस्यीय दल भी राजपथ पर भारत के राष्ट्रपति को सलामी देगा. इस दल में 48 संगीतकारों का दस्ता भी शामिल होगा.
 
परेड में होगा डॉग स्कॉवड दस्ता 
परेड में 26 साल के बाद सेना के डॉग स्कॉवड के सदस्य भी अपने हैंडलर्स के साथ भाग लेंगे. परंपराओं के अनुसार, राजपथ पर बीएसएफ के ऊंट दस्ते के सजे-धजे रंग-बिरंगे 56 ऊंटों का दस्ता डिप्टी कमांडेंट कुलदीप जे. चौधरी के नेतृत्व में मार्च करेगा.
 
अभेद्य किले में बदली राष्ट्रीय राजधानी 
गणतंत्र दिवस के चलते राष्ट्रीय राजधानी के इर्द-गिर्द सुरक्षा के कई कवच तैयार किए गए हैं. शहर में महत्वपूर्ण ठिकानों को आतंकी समूहों द्वारा निशाना बनाने की खुफिया सूचना के मद्देनजर अहम बिंदुओं पर एंटी एयरक्राफ्ट गन और एलएमजी को तैनात किया गया है. गनरों को बिना अनुमति के कोई भी हवाई वस्तु की उड़ान देखने पर उसे नीचे गिरा देने का साफ निर्देश दिया गया है. सुबह में दस बजकर 35 मिनट से सवा बारह बजे तक नोटम (वायुसैनिकों को नोटिस) घोषित किया गया है. इस दौरान इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्य पर ना तो कोई विमान उतरेगा ना ही उड़ान भर सकेगा.
 
अर्धसैन्य बल सुरक्षा में तैनात
राजपथ पर विशेष इंतजाम किए गए हैं, जहां रक्षा सेवाओं के कमांडर इन चीफ राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी देश की सैन्य शक्ति का जायजा लेंगे. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एहतियाती तौर पर परेड होने वाले मार्ग पर 10 बिंदुओं पर एलएमजी तैनात किया गया है. हल्के मशीन गन के साथ विशेष रूप से प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों को नई दिल्ली के 10 अहम ठिकानों पर तैनात किया गया है. दिल्ली पुलिस के पूरे अमले के साथ ही अर्धसैन्य बलों से कर्मियों को भी सुरक्षा सेवा में तैनात किया गया है.