नई दिल्ली. आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले की साजिश रच रहा है. इसके लिए वह 12 से 15 साल के बच्चों को मानव बम के तौर पर इस्तेमाल कर सकता है. इस आतंकी संगठन ने बाकायदा बच्चों की भर्ती भी कर ली है. खुफिया एजेंसियों को ये जानकारी मिली है.

एक अंग्रेजी ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा है कि हथियारों और विस्फोटकों का इस्तेमाल करने में माहिर 12 से 15 साल के बच्चे देश में घुस चुके हैं. इस बारे में खुफिया एजेंसियां शुक्रवार को ही अलर्ट जारी कर चुकी हैं. एसपीजी, एनसीआर पुलिस और इंटेलिजेंस यूनिट को चौकन्ना कर दिया है.

पिछले स्वतंत्रता दिवस पर मोदी लाल किले से निकलते वक्त अपने सुरक्षा दस्ते को बताए बिना ही बच्चों से मिलने उनके बीच चले गए थे. आईएसआईएस इसी का फायदा उठाते हुए मोदी को निशाना बनाने के लिए बच्चों का इस्तेमाल करने की फिराक में है. प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगा स्पेशल प्रॉटेक्शन ग्रुप इस अलर्ट पर चौकस है.

पीएम को निशाना बनाने के मकसद से तैयार चाइल्ड स्क्वॉयड से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद एसपीजी और सलाहकारों को ब्रीफ कर दिया गया है. पीएम से आग्रह किया गया है कि वह इस बार किसी हाल में अपना सुरक्षा घेरा न तोड़ें. वहीं, दिल्ली पुलिस भी मुस्तैद है. स्पेशल सेल को भी अलर्ट कर उसे सर्च ऑपरेशन जारी रखने को कहा गया है.

आईएस ने कुछ ही दिन पहले बच्चों की कठोर शारीरिक ट्रेनिंग के साथ मशीनगन और रॉकेट लॉन्चर छोड़ते वीडियो भी जारी किया था. पाकिस्तान और अफगानिस्तान के आतंकी कैंपों में भी बच्चों को ट्रेनिंग दी जा रही है. ऐसे आतंकी संगठनों में एक अंसार-उद-तवाहिद (एयूटी) भी है, जो आईएस को भारत में कदम रखने में मदद कर रहा है.