नई दिल्ली. कांग्रेस ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के बारे में ब्रिटिश पीएम क्लीमेंट एटली को लिखी गई जवाहरलाल नेहरू की कथित चिट्ठी को झूठ करार दिया है. कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने प्रेस कॉंफ्रेंस करके कहा कि ये चिट्ठी झूठी है और सच्चाई सामने आनी चाहिए. आनंद शर्मा ने कहा कि इस चिट्ठी को सामने रखना शरारतपूर्ण है.

नेताजी से जुड़ी 100 सीक्रेट फाइलों को पीएम मोदी ने सार्वजनिक कर दिया है. इनमें देश के पहले पीएम नेहरू की एक चिट्ठी भी जारी की गई है जो उन्होंने तत्कालीन ब्रिटिश पीएम क्लीमेंट एटली को लिखे पत्र में नेताजी को बताया था इंग्लैंड का युद्ध अपराधी. कांग्रेस ने इस चिट्ठी को झूठा करार दिया है.

क्या था नेहरू के इस खत में

नेहरू ने इस चिट्ठी में कहा है- ‘मुझे भरोसेमंद सूत्र से पता चला है कि सुभाष चंद्र बोस, जो आपके युद्ध अपराधी हैं, उन्हें स्टालिन ने रूस में घुसने की मंजूरी दे दी है. यह रूस का धोखा है, क्योंकि रूस ब्रिटिश-अमेरिकन गठबंधन का मित्र देश है. उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था. इस पर आपको जो सही लगे वह कार्रवाई करें.’ हालांकि चिट्ठी पर नेहरू का सिर्फ नाम लिखा है, उनका हस्ताक्षर नहीं है. चिट्ठी 27 दिसंबर 1945 को लिखी गई थी.

हर महीने जारी होंगी 25 फाइलें

नेशनल आर्काइव्स बोस से जुड़ी 25 फाइलों की डिजिटल कॉपी हर महीने सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध कराएगा. इसके लिए सरकार ने एक वेबसाइट बनाई है. ये सभी फाइलें netajipapers.gov.in पर मिलेंगी.