नई दिल्ली. गणतंत्र दिवस से ठीक पहले सीआईए के अलर्ट पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने आतंकी संगठन आईएस की ‘7 कलश रख दो’ साजिश को डिकोड करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है. इस कोड का मतलब देश में 7 जगहों पर ब्लास्ट करना था.

एनआईए ने देश के अलग अलग राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की और गुरुवार रात से अब तक देश के कई शहरों से अब तक 20 संदिग्धों को पकड़ा गया है. जिनमें से एनआई ने करीब 13 लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया है.

फेसबुक से रहते थे एक-दूसरे के संपर्क में

सूत्रों के मुताबिक भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को यह सफलता अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की मदद से मिली है. सीआईए  लगातार पश्चिम एशिया में आईएस की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कंप्यूटर के आईपी एड्रेस और स्मार्ट फोन नजर बनाए है. इसके जरिये आतंकी फेसबुक और वाट्सएप पर एक दूसरे के संपर्क में रहते हैं. इनमें से एक आईपी अड्रेस का इस्तेमाल आईएस का कमांडर शाफी अरमार भी कर रहा था.

भारतीय की IS शाखा तैयार करने में अहम भूमिका

आतंकी संगठन IS ने देश में भयानक हमले की खूंखार साजिश रची थी. ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि 60 IS ऑपरेटिव्स देशभर में सक्रिय हैं. आईएस की प्लानिंग हरिद्वार, गोवा शहरों सहित विदेशियों और पुलिसबलों पर हमले की थी. खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली है कि सीरिया में गए एक भारतीय ने ही देश में आईएस  की शाखा तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है.

नौजवानों को भड़का रहे हैं आईएम के आतंकी

खुफिया एजेंसियों से जानकारी मिली है कि भारत से सीरिया, इराक गए इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी 2014 से ही भारत में भर्ती का काम देख रहे हैं. आईएम  के फरार आतंकी साइबर वर्ल्ड का सहारा लेकर नौजवानों को भड़काने का काम कर रहे हैं.