हैदराबाद. हैदराबाद यूनिवर्सिटी के कुलपति पी. अप्पा राव को हटाने की मांग कर रहे आंदोलनकारी छात्र झुकने को तैयार नहीं हैं. वे दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. शनिवार को भी सात छात्रों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रही. 
 
सेंट्रल यूनिवर्सिटी द्वारा चार दलित छात्रों के निलंबन को वापस लेने के बाद भी छात्रों का गुस्सा ठंडा नहीं हुआ है. वे कुलपति के अलावा दो केंद्रीय मंत्रियों और हादसे के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग पर डटे हुए हैं. पिछले पांच दिनों से 14 छात्रों का समूह सामाजिक न्याय के लिए संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) के बैनर तले आंदोलन कर रहे हैं.
 
इनमें से सात जेएसी सदस्यों का अनिश्चितकालीन हड़ताल तीसरे दिन भी जारी है. इनमें वे चार निलंबित छात्र भी शामिल हैं जो परिसर के बाहर टेंट लगाकार पिछले एक महीने से अपने निलंबन को वापस लेने की मांग कर रहे थे.
 
एक महीने पहले पांच छात्रों को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्र के साथ मारपीट के आरोप में निलंबित कर दिया था. इनमें से एक छात्र रोहित वेमुला ने अपने दोस्त के छात्रावास के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. इसके बाद दलित उत्पीड़न को लेकर देश भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए.
 
हैदराबाद यूनिवर्सिटी के 13 शिक्षक जो अनुसूचित जाति व जनजाति श्रेणी के हैं, ने मानव संसाधन मंत्रालय के खिलाफ अपने पद से इस्तीफा दे दिया. मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने यह बयान दिया था कि जिस उप समिति ने छात्रों को निलंबित करने का फैसला किया था, उसके प्रमुख एक दलित प्रोफेसर थे.
 
यूनिवर्सिटी के एससी/एसटी छात्रों और कर्मियों ने केंद्रीय मंत्री के खिलाफ झूठ बोलने और भ्रम फैलानेवाले बयान देने का आरोप लगाया है. इस दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं का हैदराबाद यूनिवर्सिटी का दौरा जारी है. वे आंदोलनरत छात्रों के साथ एकजुटता व्यक्त करने और केंद्रीय मंत्रियों स्मृति ईरानी और बंडारू दत्तात्रेय के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, क्योंकि इन दोनों मंत्रियों ने संस्थान में दखलअंदाजी की जिसके कारण दलित छात्रों को निलंबन का सामना करना पड़ा.