नई दिल्ली. बहुजन समाज पार्टी के पूर्व विधायक राजू पाल की हत्या की की जांच अब सीबीआई करेगी. राजू पाल की पत्नी पूजा पाल की याचिका को स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है. कोर्ट ने सीबीआई को जांच 6 महीने में पूरी करने का आदेश दिया है.

पूजा पाल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर पति राजू पाल हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की थी. मामले की सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करते हुए कहा था कि राज्य सरकार इस मामले में जो कर सकती थी उसने किया.

केंद्र ठुकरा दी थी राज्य सरकार की अपील

जब राजू पाल की हत्या हुई थी,  उस समय राज्य सरकार ने मामले की सीबीआई जांच के लिए केंद्र सरकार से अपील की थी. लेकिन केंद्र ने इस अपील को यह कहते हुए ठुकरा दिया था कि यह मामला सीबीआई जांच के लिए फिट नहीं है.

केंद्र की ओर से मना होने के बाद राज्य सरकार ने राजू पाल हत्याकांड की जांच राज्य की सीबी सीआइडी को सौंप दी थी. सीबी सीआइडी ने जांच पूरी कर अदालत में आरोप पत्र भी दाखिल कर दिया है.

2005 में हुई थी हत्या

बसपा विधायक राजू पाल की 25 जनवरी, 2005 को हत्या कर दी गई थी. राजू पाल के साथ दो अन्य लोगों की भी हत्या हुई थी. राजू पाल की पत्नी पूजा पाल ने पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट से याचिका दाखिल कर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी.

हाई कोर्ट ने पूजा की याचिका का निपटारा करते हुए उन्हें सुनवाई कर रही जिला अदालत में अर्जी देने को कहा था. हाई कोर्ट के इस आदेश को पूजा पाल ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है और सीबीआइ जांच की मांग की है.

मामले में 17 लोग आरोपी

इस हत्याकांड में पूर्व सांसद अतीक अहमद ,उनके भाई पूर्व विधायक मोहम्मद अशरफ सहीत 17 अन्य के ख़िलाफ़ सीबी सीआइडी ने आरोपपत्र दाखिल किया है.