नई दिल्ली. हरिद्वार और रुड़की से पक़ड़े गए चारों संदिग्ध आतंकवादी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे. इन आतंकवादियों के तार आतंकी संगठन आईएसआईएस से भी जुड़े हो सकते हैं.

कुंभ मेला था निशाने पर

दिल्ली पुलिस के मुताबिक ये चारों हरिद्वार में होने वाले अर्ध कुंभ मेले में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की फिराक में थे. सूत्रों के मुताबिक ये चारों संदिग्ध सीरिया में अपने किसी हैंडलर से अक्सर बात किया करते थे.

इसके बाद पुलिस इन आतंकियों के आईएस  कनेक्शन की भी जांच कर रही है. सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर के कुछ मॉल और हरिद्वार में चल रहा अर्धकुंभ आतंकियों के निशाने पर हो सकता है.

इस बीच नोएडा से इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस यानी आईटीबीपी  के एक आईजी की नीली बत्ती लगी कार चोरी हो गई. इस खबर ने भी सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है.

माचिस की तिलियों के सिरे पर लगे बारूद से बम बनाने की कोशिश

सरकारी अधिकारियों ने दावा किया कि आईएसआईएस से रिश्ता रखने के आरोप में उत्तराखंड से गिरफ्तार किए गए चार युवक माचिस के डिब्बे इकट्ठा कर रहे थे ताकि माचिस की तिलियों के सिरे पर लगे बारूद से बम बना सकें.

इंटरनेट से जुड़ी गतिविधियों में माहिर

अखलाक उर-रहमान, मोहम्मद ओसामा, मोहम्मद अजीम शाह और महरोज नाम के ये संदिग्ध सुरक्षा एजेंसियों की नजर में थे क्योंकि कुछ महीने पहले उन्हें संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों में लिप्त पाया गया था.

अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए ये युवक आईएसआईएस का समर्थन करने वाली वेबसाइटें, फेसबुक ग्रुप नियमित तौर पर देखते थे और वाट्सऐप के जरिये आतंकवादी संगठन के कुछ समर्थकों के नियमित संपर्क में थे.

आईएसआईएस के एजेन्ट के समपर्क में थे चारों संदिग्ध

ये संदिग्ध आईएसआईएस में शामिल होने के लिए प्रेरित करने वाले ऐसे लोगों के संपर्क में थे, जो शायद इराक और सीरिया में रह रहे हैं. इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियों की नजर इन संदिग्धों पर पड़ी. एक अधिकारी ने बताया, इन युवकों को तभी गिरफ्तार किया गया जब वे आतंकवादी हमले को अंजाम देने वाले थे. बताया जाता है कि गिरफ्तार किए गए चारों युवक स्नातक हैं और इंटरनेट से जुड़ी गतिविधियों में माहिर हैं.