नई दिल्ली. भारत ने नए साल में अंतरिक्ष के क्षेत्र एक और बढ़ा कदम लिया है. इसरो ने सतीश धवन स्पेस सेंटर से बुधवार सुबह 9 बजकर 31 मिनट पर ‘IRNSS-1E’ नेविगेशन सैटेलाइट को लॉन्च किया गया. इसकी कामयाबी के बाद भारत अपना जीपीएस शुरू कर सकेगा.
 
भारत अब तक पांच उपग्रह कर चुका है लांच
भारत अब तक चार क्षेत्रीय उपग्रह (आईआरएनएसएस-1ए, 1बी, 1सी, 1डी) लॉन्च कर चुका है और यह आईआरएनएसएस का पांचवा उपग्रह होगा. इसका उद्देश्य देश तथा झेत्र के उपभोक्ताओं को सटीक सूचना उपलब्ध कराना है. 44.4 मीटर की उंचाई वाले इस उपग्रह का वजन 1425 किग्रा है.
 
भारत छठा देश है, जिसके पास है ऐसा सिस्टम
यह पांचवां नेविगेशन सैटेलाइट है जिसे सात उपग्रह समूहों का हिस्सा होना है. फिलहाल अपने चार उपग्रहों के साथ इसरो सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम के भारतीय वर्ज़न के लिए 18 घंटे का सिग्नल मुहैया करा रहा है.
 
इसे देसी जीपीएस भी कहा जाता है. यह अमेरिकी जीपीएस सिस्टम की तरह ही काम करता है, लेकिन इसका दायरा क्षेत्रीय है. वैसे, भारत छठा देश होगा, जिसके पास ऐसा सिस्टम है. इस सिस्टम की भारतीय सेनाओं को काफी जरूरत है, लेकिन आम लोगों को भी फायदा होगा.
 
पीएम ने दी बधाई
प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर इसरो और साइंटिस्ट्स को PSLV-C31 की सफल लॉन्चिंग और IRNSS-1E को ऑर्बिट में पहुंचाने के लिए बधाई दी.