नई दिल्ली. यूपी में दरोगाओं और सिपाहियों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है. 2011 से चल रही भर्तियों में परीक्षा पेपर में आवेदकों की तरफ से व्हाइटनर के प्रयोग के कारण उनकी नियुक्ति पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी थी.

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट की तरफ से लगाई गई ये रोक हटा दी है. इस तरह से यूपी में 810 दरोगाओं और करीब 5 हजार कॉन्स्टेबलों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है. 

सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान यूपी सरकार की ओर से पेश एडवोकेट जनरल विजय बहादुर सिंह ने कहा कि व्हाइटर का प्रयोग गैर वाजिब तरीका नहीं है और ऐसे में इन आवेदकों की नियुक्ति को ग्रीन सिग्नल दिया जाए.

क्या है मामला

यूपी में पुलिस की भर्ती के मेन एग्जाम में व्हाइटनर के इस्तेमाल करने वाले आवेदकों को मेरिट लिस्ट से बाहर करने के हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश को कुछ आवेदकों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

हाई कोर्ट ने व्हाइटनर का इस्तेमाल करने वाले आवेदकों को मेन्स एग्जाम के मेरिट लिस्ट से बाहर कर दिया था. यूपी में 2011 से सब इंस्पेक्टर और सिपाहियों का एग्जाम हुआ था और व्हाइटर के इस्तेमाल के कारण आभ्यार्थी को मेरिट लिस्ट से बाहर किया गया था.