नई दिल्ली. दिल्ली सरकार के कानूनमंत्री जीतेंद्र सिंह तोमर ने कहा दावा किया है कि उनकी डिग्री 100 फीसदी सही है और वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे. अपनी डिग्री पर उठे विवाद के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए यह दावा किया.

तोमर ने दिल्ली सचिवालय में संवाददाताओं से कहा,

‘मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं. अगर मैंने कुछ गलत किया होता, तो नियमित तौर पर कार्यालय नहीं आता. बहुत जल्द मैं विश्वविद्यालय से सारे रिकॉर्ड सामने लाऊंगा और सबकुछ स्पष्ट कर दूंगा.’

 

तोमर के पास पर्यटन, कला एवं संस्कृति तथा गृह विभाग है. इससे पहले सूत्रों के हवाले से खबर थी कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने कानूनमंत्री जीतेंद्र तोमर से डिग्री विवाद पर सफाई मांगी है.

इस बीच हमारे साथी आशीष भार्गव खबर दे रहे हैं  कि दिल्ली बार काउंसिल के अध्यक्ष के के मदान ने कहा है कि जब ये मामला सामने आया तो हमने तोमर का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया था. उनका कहना है कि तोमर से जवाब मांगा गया तो उन्होने इसके लिये वक्त मांगा. अब 8 मई को काउंसिल में इसकी सुनवाई है. तोमर की डिग्री फर्जी बताए जाने के बाद उनकी डिग्री का विवाद और गहरा गया है. बता दें कि तोमर ने बिहार की एक यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री लिए जाने का दावा किया था.

बताया जा रहा है कि डिग्री सत्यापन पर यूनिवर्सिटी ने हाईकोर्ट को बताया कि दिल्ली के विधि मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर का अंतरिम प्रमाणपत्र ‘जाली है और इसका संस्थान के रिकार्ड में अस्तित्व नहीं है.’ तोमर ने इसी विश्वविद्यालय से विधि की शिक्षा प्राप्त करने का दावा किया है. न्यायमूर्ति राजीव शकधर की पीठ के सामने कथित रूप से रखे गए हलफनामे में कहा गया कि जांच रिपोर्ट और विश्वविद्यालय रिकार्ड के आधार पर सीरियल नंबर 3687 वाला अंतरिम प्रमाणपत्र 29 जुलाई 1999 को संजय कुमार चौधरी को वर्ष 1998 में हुई बीए (आनर्स) की राजनीतिक विज्ञान की परीक्षा के लिए दिया गया था.

कांग्रेस ने मंगलवार को दिल्ली के कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की. कांग्रेस नेता अजय माकन ने ट्विटर पर लिखा, “आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली के कानून मंत्री की कानून की डिग्री फर्जी पाई गई है. उन्हें तुरंत बर्खास्त कर खाली सीट पर नए सिरे से चुनाव कराया जाए!”

IANS