नई दिल्ली. सिविक और कंस्ट्रक्शन एजेंसियों में तालमेल न होने पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अब सड़कों की खुदाई की निगरानी भी क्या कोर्ट करेगा. कोर्ट ने कहा कि ये अजीब है कि एक एजेंसी सड़क बनाती है और अगले दिन पानी या सीवर की पाइप बिछाने वाली एजेंसी उसे तोड़ देती है.
 
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टीएस ठाकुर ने इस सड़क की खुदाई से होने वाली परेशानी को लेकर दायर एक पीआईएल को खारिज करते हुए कहा कि जिस इलाके का केस है उसके हिसाब से याचिकाकर्ता हाइकोर्ट जा सकता है या फिर सांसद, विधायक और पार्षद से बात कर सकता है. 
 
कोर्ट ने कहा कि ऐसी चीजों को लेकर कोई मैकेनिज्म तैयार करना चाहिए. कोर्ट ने ऐसी याचिकाओं पर कहा कि क्या अब सुप्रीम कोर्ट को ऐसे मामलों की निगरानी करनी पड़ेगी. सुप्रीम कोर्ट के पास काफी बड़े अहम मुद्दे हैं, उनका क्या होगा.