नई दिल्ली. गंगा की सफाई को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी ने एक बार फिर सवाल खड़े करते हुए केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई है. एनजीटी ने केंद्र और यूपी सरकार को निर्देश दिया है कि वाराणसी में गंगा में बहाए जाने वाले शवों की सफाई को लेकर अपनी रिपोर्ट दाखिल करे.

सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान एनजीटी को कुछ ऐसी तस्वीरें दिखाई गई जिसमें गंगा में अर्ध जले शव और जानवरों के शव तैरते दिखाई दे रहे हैं.

एनजीटी ने कहा कि ये बेहद दुखद है कि ऐसी तस्वीरें देखने को मिल रही है, जबकि गंगा की सफाई को लेकर केंद्र सरकार मुहिम चला रही है. एनजीटी इस मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को करेगा.    

पहली भी लगाई थी फटकार

इससे पहले भी पिछले साल एनजीटी ने केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी. एनजीटी ने केंद्र से कोई एक जगह बताने को कहा जहां गंगा नदी साफ है. एनजीटी ने कहा कि भारी-भरकम राशि खर्च करने के बावजूद हालात बद से बदतर हो गए हैं.

गंगा की निर्मलता और अविरल प्रवाह को लेकर सरकार के तरीके पर निराशा प्रकट करते हुए एनजीटी ने कहा कि हम मानते हैं कि वास्तविकता में लगभग कुछ भी नहीं हुआ है. हरित प्राधिकरण ने कहा कि केंद्र और राज्य इतने सालों से केवल जिम्मेदारी एक दूसरे पर डाल रहे हैं.