नई दिल्ली. ईरान से अंतर्राष्ट्रीय परमाणु प्रतिबंध को हटा लिए जाने के बाद अब भारत वहां से मुक्त भाव से तेल आयात बढ़ा सकेगा. सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने कहा कि ईरान से मुक्त होकर तेल आयात का यह अवसर तब आया है, जब ईरानी तेल की आपूर्ति बढ़ने से वैश्विक तेल मूल्य में अधिक गिरावट हो सकती है. 
 
ईरान अभी 11 लाख बैरल तेल का रोजाना निर्यात करता है, जिसमें जल्द ही वह पांच लाख बैरल की वृद्धि करेगा और उसके बाद फिर पांच लाख बैरल की वृद्धि करेगा.
 
अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी की इस पुष्टि के बाद बैन हटाया गया कि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने यह सत्यापित कर दिया है कि ईरान ने बचनबद्धताओं का पूर्ण रूप से पालन किया है. शुक्रवार को ब्रिटिश ब्रेंट क्रूड प्रति बैरल 29 डॉलर से नीचे बंद हुआ.
 
भारतीय बास्केट के कच्चे तेल की कीमत शुक्रवार को प्रति बैरल 26.43 डॉलर पर बंद हुई, जो 13 साल का निचला स्तर है. शुक्रवार को ही तेल कंपनी ने पेट्रोल और डीजल का मूल्य में भी कटौती की.
 
पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) के 12 कच्चे तेल के बास्केट की कीमत भी शुक्रवार को प्रति बैरल 25 डॉलर पर बंद हुआ. इस बीच आईओसी की ओडिशा स्थित एक रिफायनरी से पेट्रोल उत्पादन शुरू हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस रिफायनरी को सात फरवरी को लोकार्पण करेंगे.