इस्लामाबाद. पठानकोट आतंकी हमले में पाकिस्तान के लोगों या संगठनों के हाथ की जांच करने के लिए नवाज़ शरीफ़ सरकार ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI, पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ब्यूरो IB और पाकिस्तानी मिलिट्री इंटेलिजेंस MI की संयुक्त जांच टीम बनाने फैसला किया है.

नवाज़ शरीफ़ ने पिछले हफ्ते पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल रहील शरीफ के साथ बैठक के दौरान पठानकोट हमले में पाकिस्तानी आतंकियों और संगठनों के हाथ के आरोप की जांच के लिए संयुक्त जांच टीम बनाने का फैसला लिया.

इस बैठक में गृहमंत्री चौधरी निसार अली खान, पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नसीर खान जंजुआ, प्रधानमंत्री के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज समेत अन्य वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी मौजूद थे.

इस्लामाबाद में 15 जनवरी को होगी विदेश सचिवों की बैठक

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अचानक लाहौर जाने के बाद सुधरता दिख रहा भारत और पाकिस्तान का रिश्ता एक बार फिर उलझता दिख रहा है. वैसे भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल ने साफ कहा है कि पाकिस्तान एक्शन लेता है तो 15 जनवरी को इस्लामाबाद में निर्धारित भारत और पाकिस्तान के विदेश सचिव की बैठक होगी.

प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तानी पीएम नवाज़ शरीफ़ से फोन पर बातचीत के दौरान साफ-साफ शब्दों में कहा था कि पठानकोट हमले में पाकिस्तानी लोगों और संगठनों का हाथ होने के सबूत भारत ने दे दिए हैं और जरूरत इस बात की है कि पाकिस्तान उन पर फौरन एक्शन ले.

अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने भी नवाज़ शरीफ़ को फोन करके पठानकोट हमले का मसला उठाया और नवाज़ ने अमेरिका को भरोसा दिलाया कि पाकिस्तान बहुत जल्द इस हमले का सच सामने लाएगा.