सूरत. गुजरात पुलिस ने पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के संयोजक हार्दिक पटेल के खिलाफ सूरत की एक अदालत में देशद्रोह का आरोप-पत्र दाखिल. पटेल के खिलाफ 379 पेजों का आरोप-पत्र दाखिल किया गया है.
 
पटेल पर विपुल देसाई नामक एक व्यक्ति को इस बात के लिए उकसाने का अरोप है कि सरकारी नौकरियों और शिक्षा में अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी के तहत पटेलों के लिए आरक्षण की मांग के समर्थन में आत्महत्या करने के बारे में सोचने के बदले चार-पांच पुलिसकर्मियों की हत्या किया जाए.
 
पटेल ने अक्टूबर में देसाई को एक स्थानीय टीवी चैनल के सामने उकसाया था, और इसके कुछ ही दिनों बाद उनपर देशद्रोह का आरोप लगाया गया था.
 
हार्दिक के पिता भरत पटेल ने 19 अक्टूबर को बेटे पर लगाए गए देशद्रोह के आरोप को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका स्वीकार करने से इंकार कर दिया. उसके बाद भरत पटेल ने गुजरात हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उनकी याचिका खारिज कर दी और हार्दिक के खिलाफ शुक्रवार तक किसी अदालत में आरोप-पत्र दाखिल करने की गुजरात सरकार को अनुमति दे दी.