नई दिल्ली. दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए चलाई जा रही ऑड-ईवन योजना के भविष्य का फैसला दिल्ली हाईकोर्ट 11 जनवरी यानी सोमवार को करेगा. कोर्ट में आज दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम होने के आंकड़े पेश किए और इसे 15 जनवरी तक चलाने की जरूरत बताई.

कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा की सिर्फ कारों पर ही पाबंदी क्यों ? जवाब में हरीश साल्वे ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया जिसमें कोर्ट ने 2000 सीसी से ऊपर की गाड़ियों को प्रतिबंधित किया है. उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से प्रदूषण को कम करने की पहल है.

फॉर्मूले के बावजूद प्रदूषण कम नहीं होने के सवाल पर दिल्ली सरकार ने मौसम को जिम्मेदार ठहराया. हरीश साल्वे ने कहा कि ठंड में हवा नहीं चलती जबकि गर्मी में हवा चलती है. अगर अभी से हवा को साफ रखने का काम शुरू किया गया तो 2019 तक दिल्ली की हवा साफ हो जाएगी.

उन्होंने कहा कि प्रदूषण से लड़ने के लिए हमारे पास लॉन्ग टर्म, मिडिल टर्म और शार्ट टर्म प्लान हैं. लॉन्ग टर्म के तहत दिल्ली में एलिवेटेड रोड, यूरो-6 फ्यूल की शुरुआत की जा सकती है.

बता दें कि हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से प्रदूषण कम होने के आंकड़े मांगते हुए कहा था कि आप 15 दिन ट्रालय क्यों चाहते हैं. एक हफ़्ते में इस योजना को बंद क्यों नहीं किया जा सकता क्योंकि इस योजना से लोगों को परेशानी हो रही है.