नई दिल्ली. किताबों के दीवानों के लिए अच्छी खबर है, दिल्ली के प्रगति मैदान में 9 से 17 जनवरी तक विश्व पुस्तक मेला आयोजित किया जाएगा. मेले की थीम ‘भारत की सांस्कृतिक धरोहर’ रखी गई और साथ ही इस साल मेले में चीन विशिष्ट अतिथि देश होगा. विश्व पुस्तक मेले के 24वें संस्करण में विभिन्न भाषाओं के युवा लेखकों की पुस्तकों को प्रकाशित किया जाएगा और मेले में ही उनकी पुस्तकों को प्रदर्शित भी किया जाएगा. 
 
नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) के अध्यक्ष, बल्देव भाई शर्मा ने कहा, “इस साल मेले में चीन विशिष्ट अतिथि देश होगा. प्राचीन काल से ही भारत और चीन के सांस्कृतिक संबंध आत्मीय रहे हैं और आज भी उष्मा के साथ बने हुए हैं. मुझे आशा है कि नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला पुस्तकों के माध्यम से दोनों देशों में परस्पर सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगा.
 
विशिष्ट देश चीन का प्रतिनिधित्व कर रहीं लिन लिइंग ने कहा, “हमें प्रसन्नता है कि साल 2010 में भारत द्वारा बीजिंग अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेले में अतिथि देश के रूप में भाग लिया गया था और छह साल बाद हम यहां अतिथि देश के रूप में आए हैं. हमें आशा है कि इसके माध्यम से हम अपने परस्पर संबंधों को और अधिक मजबूत कर सकेंगे.”
 
उन्होंने यह भी बताया कि प्रकाशकों, लेखकों और अधिकारियों सहित 81 प्रकाशन संगठनों से 255 प्रतिनिधि मेले में भाग लेंगे. चीन मंडप में अंगेजी, चीनी और हिंदी भाषा में 5000 से अधिक पुस्तकें प्रदर्शित की जाएंगी. इसके अतिरिक्त चीन द्वारा नई दिल्ली और कोलकाता में 67 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. चीन मंडप में विशेष आकर्षण का केंद्र होंगे-सांस्कृतिक और फोटो प्रदर्शनियां, चाइना टी-कल्चरल शो तथा चित्रकारों की पेंटिंग.