पठानकोट. पठानकोट में वायुसेना ठिकाने पर आतंकावादी हमले में भारतीय सेना और भारतीय पुलिस के कई अधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है. एक तरफ हमले में पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका की जांच की जा रही है तो दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने भी सोमवार को सेना के अफसर को पूछताछ के लिए गिरफ्त में लिया है. इनके अलावा दो और लोगों को भी हिरासत में लिए गया है. 
 
अगवा हुए एसपी सलविंदर पर भी शक
एनआईए की टीम ने सोमवार को गुरदासपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सलविंदर सिंह और उनके कुक मदन गोपाल से पूछताछ की. इन दोनों का कहना था कि उन्हें पिछले गुरुवार को आतंकवादियों ने अगवा किया था. इस घटना के दो दिन बाद उन्हीं आतंकियों ने पठानकोट वायुसेना ठिकाने पर हमला बोल दिया.
 
सलविंदर सिंह का दावा है कि आतंकवादियों ने उन्हें घने जंगल में फेंक दिया और उनकी नीली बत्ती लगी आधिकारिक एसयूवी लेकर फरार हो गए. बाद में आतंकी इसी एसयूवी में सवार होकर पठानकोट पहुंचे. 
 
एसपी की वह एसयूवी शुक्रवार सुबह पठानकोट में वायुसेना ठिकाने से करीब 1.5 किमी दूर पाई गई थी. जांचकर्ता अब भी इसी गुत्थी में उलझे हैं कि आखिर आतंकवादियों ने एसपी सलविंदर और उनके साथियों को क्यों छोड़ दिया, जबकि उन्होंने एक दूसरी गाड़ी को अगवा किया तो उसके ड्राइवर की हत्या कर दी थी.
 
सलविंदर सिंह का कहना है कि वे उस समय पुलिस वर्दी में नहीं थे और उन्होंने आतंकवादियों के कहा कि वे पुलिसकर्मी नहीं बल्कि आम इंसान हैं.
 
जांचकर्ताओं का कहना है कि एसपी के बयानों में बहुत ज्यादा विरोधाभास है. उन्होंने कई बार अपने बयान बदले हैं, जिसमें उन्होंने आतंकियों की संख्या बार-बार अलग-अलग बताई है.
 
एक वरिष्ठ अधिकारी होने के नाते उनके पास पहले से ही आतंकियों की घुसपैठ की खुफिया सूचना थी. उसी शाम पंजाब पुलिस ने आतंकी हमले की आशंका जताते हुए सभी पुलिस अधिकारियों को रात में निगरानी रखने के निर्देश दिए थे.
 
सलविंदर सिंह का कहना है कि जिस समय उनका अपहरण किया गया, उस समय वे पठानकोट के एक स्थानीय मंदिर में पूजा करके गुरदासपुर लौट रहे थे लेकिन गुरुवार देर रात अपने एक ज्वैलर दोस्त और कुक के साथ उनके भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के पास बिना सुरक्षागार्ड के जाना संदेह के घेरे में है. 
 
खालिस्तानी आतंकियों पर भी शक
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने पठानकोट हमले की जांच के दौरान जिस सेना के अफसर को गिरफ्त में लिया है उसके CM बेअंत सिंह के हत्यारे जगतार सिंह हवारा से नजदीकी संबंध बताए जा रहे हैं.
 
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक यह अफसर बब्बर खालसा के मेम्बर्स के संपर्क में था और जगतार से मिलने भी जेल जाया करता था. स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक खालिस्तानी आतंकियों की इस पूरी घटना में भूमिका से फ़िलहाल इनकार नहीं किया जा सकता.