नागपुर. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया है कि बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री आशा पारेख पद्मभूषण मांगने उनके घर आई थीं.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पद्म पुरस्कारों के लिए लोग पीछे पड़ जाते हैं. गडकरी ने कहा कि आशा पारेख पद्मभूषण पाने की उम्मीद में मुंबई में मेरे घर पहुंच गई थी. लिफ्ट खराब थी, फिर भी वह 12 मंजिलें चढ़कर आ गई थीं. बड़ा खराब लगा था.

गडकरी ने दावा किया कि आशा पारेख ने उनसे कहा था कि ‘मुझे पद्मश्री मिला है, जबकि भारतीय सिनेमा में मेरे योगदान के लिए मुझे पद्मभूषण मिलना चाहिए था.’

गडकरी नागपुर में एक सेवा सदन संस्था की ओर से दिए जानेवाले रमाबाई रानाडे पुरस्कार वितरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि आए थे. यहीं पुरस्कारों को लेकर उन्होंने मराठी में ये भाषण दिया. उन्होंने कहा कि पुरस्कारों की वजह से अब सिरदर्द होने लगा है.

कौन हैं आशा पारेख

आशा पारेख गुजरे जमाने की मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री रह चुकी हैं. उनका नाम हिंदी सिनेमा की सफलतम अभिनेत्रियों की फेहरिस्त में शामिल है. आशा को 1992 में पद्मश्री मिला था.

पारेख ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत बतौर बाल कलाकार 1952 में फिल्म ‘आसमान’ से की थी. बाद में उन्होंने ‘कटी पतंग’, ‘मैं तुलसी तेरे आंगन की’, ‘दो बदन’, ‘प्यार का मौसम’, ‘बहारों के सपने’ जैसी सुपरहिट फिल्में दीं. 2002 में उन्हें फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी मिला था.