नई दिल्ली. पंजाब के पठानकोट में हुए आतंकी हमले में पांचों आतंकी ढ़ेर हो गए हैं. पठानकोट में आतंकियों के पास से एक पर्चा मिला है जिससे आतंकियों के जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने का अनुमान लगाया जा रहा है. पर्चे में अफजल गुरु की फांसी के प्रतिशोध में हमले की बात की गई है.
 
क्या लिखा है पर्चे में?
इस पर्चे में लिखा गया है..’जैश ए मुहम्मद जिंदाबाद तंगधार से लेकर सांभा कत्वा रायबाग और दिल्ली तक अफजल गुरु के जांनिसार तुमको मिलते रहे. इंसा अल्लाह…’ इस खत में 25 दिसंबर के दिन का भी जिक्र किया गया है. 
 
कब हुआ हमला?
  • आतंकियो ने हमला भारतीय एयरफोर्स के एयरबेस पर तड़के 3:30 बजे हुआ था.
  • खुफिया सूत्रों ने बताया कि ये आतंकी 30 दिसंबर को गुरदासपुर से लगी सरहद से भारत में दाखिल हुए.
  • ये लैंड क्रूजर और पजेरो गाड़ी से पठानकोट एयरबेस पहुंचे.
 
जानिए कहां से ट्रेनिंग लेकर आए थे?
आतंकी पाकिस्तान के बहावलपुर से ट्रेनिंग लेकर आए थे और ये अल रहमान नाम के ट्रस्ट से जुड़े थे. इनके हैंडलर मौलाना अशफाक अहमद और हाजी अब्दुल शकूर है. ये सभी अपने हैंडलर से फोन के जरिये लगातार संपर्क में थे. इन आतंकियों को बीते छह महीनों से इस हमले को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान में ही ट्रेनिंग दी जा रही थी.
 
AK-47 और हैंड ग्रेनेड से लैस थे आतंकी
इन आतंकियों के पास AK-47, हैंड ग्रेनेड, जीपीएस समेत भारी मात्रा में गोला बारूद था. इसी वजह से इन्होंने लैंड क्रूजर और पजेरो जैसी गाड़ियों का इस्तेमाल किया.