उत्तर प्रदेश. उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी को देखते हुए एमबीबीएस के स्टूडेंट्स के लिए एक नई स्कीम बना रही है इसके तहत एमबीबीएस स्टूडेंट्स को 10 साल तक सरकारी अस्पतालों में काम करने की शर्त पर सहमत होने पर सरकार उनकी पढ़ाई का खर्च उठाएगी.
 
बता दें जो स्टूडेंट्स इससे सहमत होंगे उनसे एड़मिशन के दौरान 1-1.5 करोड़ रुपये का बॉन्ड भरवाया जाएगा. जिसके बाद उनकी एमबीबीएस की पढ़ाई के खर्च को सरकार उठाएगी.  
 
इस योजना के बारे में परिवार कल्याण विभाग के सचिव अरविंद नारायण मिश्रा ने कहा कि हम सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी पूरी करने की कोशिश कर रहें हैं. अगर सब कुछ ठीक रहा तो एमबीबीएस के 30 फीसदी सीटें इस बॉन्ड को भरने वाले स्टूडेंट्स के लिए आरक्षित की जाएंगी. 
 
उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्राइवेट अस्पतालों के कारण डॉक्टर्स सरकारी अस्पतालों से दूरी बना रहे हैं. और सरकारी आंकड़ों के अनुसार हर साल सरकारी अस्पालों में लगभग  4000 डॉक्टरों की सीट खाली रहती है.