नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय दौरे पर आज रूस रवाना हो गए हैं . रूस में पीएम मोदी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के साथ वार्षिक शिखर वार्ता सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.

इस शिखर वार्ता का लक्ष्य परमाणु ऊर्जा, हाइड्रोकार्बन, रक्षा और व्यापार पर खास बल देते हुए विशिष्ट रणनीतिक संबंधों का विस्तार करना है. वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच परमाणु ऊर्जा और रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कई समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं.

वहीं विदेश सचिव एस. जयशंकर का कहना है कि हमें विभिन्न क्षेत्रों में कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की आशा है. उन्होंने कहा कि आर्थिक संबंधों में विस्तार एक बड़ी प्राथमिकता होगी, क्योंकि दोनों देशों का वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार अगले दस सालों में 10 अरब डॉलर से बढ़ाकर 30 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है.

आतंकवाद पर होगी बात !

मोदी और पुतिन द्विपक्षीय मुद्दों के अलावा सीरिया की स्थिति तथा आतंकवाद से निपटने के तौर-तरीकों सहित विविध वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा कर सकते हैं. जयशंकर ने कहा  है कि यह हमारे लिए निश्चित ही अति महत्वपूर्ण संवादों में एक होगा.

UNSC में स्थायी सदस्यता पर रूस भारत के साथ

विदेश सचिव का कहना है कि दोनों देशों को एक-दूसरे पर काफी विश्वास है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सदस्य के रूप में देखने की रूस की कटिबद्धता पर हमें बिल्कुल शक नहीं है.

फ्रेंड्स ऑफ इंडिया को संबोधित करेंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री रूस यात्रा के दौरान फ्रेंड्स ऑफ इंडिया की एक सभा को भी संबोधित करेंगे, जहां करीब 3000 लोगों के जुटने की संभावना है. वह रूस के इमरकॉम भी जाएंगे जो आपदा प्रबंधन करता है.

16वीं भारत-रूस शिखर वार्ता

यह पीएम मोदी की राष्ट्रपति पुतिन के साथ दूसरी शिखर वार्ता होगी. पुतिन 15वीं भारत-रूस शिखर वार्ता के लिए पिछले साल यहां आए थे. बुधवार को पुतिन मोदी के सम्मान में निजी भोज देंगे और दोनों नेता गुरुवार को क्रेमलिन में भारतीय एवं रूसी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के एक समूह के साथ संवाद करेंगे.

बता दें कि उच्च स्तर पर दोनों देशों के बीच वार्ता साल 2000 से ही एक बार मास्को में तो एक बार नई दिल्ली में बारी-बारी से होती आ रही है.