अयोध्या. छह महीने पहले जून में विश्व हिंदू परिषद ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर से पत्थर इकट्ठा करने का राष्ट्रव्यापी अभियान घोषित किया था. विहिप की इस गतिविधि के बाद पत्थरों से लदे दो ट्रक अयोध्या में आ गए हैं जिसके बाद जिला पुलिस सतर्क हो गई है और हालात पर नजर रख रही है.
 
इस मामले पर विहिप के प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा है कि अयोध्या में विहिप की संपत्ति राम सेवक पुरम में दो ट्रकों से पत्थर उतारे गये हैं और राम जन्म भूमि के अध्यक्ष महंत नृत्य दास की ओर से ‘शिला पूजन’ किया गया है. इस बीच, महंत नृत्य गोपाल दास ने  बताया कि मोदी सरकार से ‘संकेत’ मिले हैं कि मंदिर का निर्माण ‘अब’ कराया जाएगा. वहीं फैजाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोहित गुप्ता ने कहा कि पुलिस हालात पर नजर रख रही है. पत्थरों को एक निजी परिसर में रखे गए हैं. इस वाकये से अगर शांति भंग होती है या सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ता है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी.
 
विहिप ने किया था ऐलान
बता दें कि विहिप ने जून में ऐलान किया था कि अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए देश भर से पत्थर इकट्ठा किए जाएंगे. विहिप ने मुस्लिम समुदाय को भी चेतावनी दी थी कि वह राम मंदिर निर्माण में कोई अड़ंगा न लगाए. विहिप के दिवंगत नेता अशोक सिंघल ने कहा था कि राम मंदिर निर्माण के लिए करीब 2.25 लाख क्यूबिक फुट पत्थरों की जरूरत है और करीब 1.25 लाख क्यूबिक फुट पत्थर अयोध्या स्थित विहिप मुख्यालय में तैयार रखे हैं. शेष एक लाख क्यूबिक फुट पत्थर देश भर से हिंदू श्रद्धालुओं से इकट्ठा किए जाएंगे.
 
उत्तर प्रदेश के गृह विभाग के प्रमुख सचिव देवाशीष पांडा ने कहा था कि राज्य सरकार राम मंदिर के लिए अयोध्या में पत्थर नहीं आने देगी. उन्होंने कहा था कि चूंकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, लिहाजा सरकार अयोध्या मुद्दे के बाबत कोई नई परंपरा शुरू करने की इजाजत नहीं देगी.