नई दिल्ली. डीडीसीए में अनियमितता को लेकर आम आदमी पार्टी ने खुलासा किया है कि जेटली की अध्यक्षता में डीडीसीए ने फ़िरोज़शाह कोटला स्टेडियम का निर्माण कराने के लिए 24 करोड़ का बजट बनाया लेकिन इस पर 114 करोड़ रुपए खर्च कर दिया.

आप ने खुलासा किया कि स्टेडियम बनाने के लिए पांच फर्जी कंपनियों को टेंडर दिए गए लेकिन इनको लोन देने का ब्यौरा नहीं दिया. 15 फर्म्स को एक ही काम के लिए रकम अदा की गई.

इससे पहले दिल्ली सरकार के विजिलेंस विभाग ने चेतन सांघी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी. रिपोर्ट में 2002 से अब तक की जांच की गई है. डीडीसीए ने फ़िरोज़शाह कोटला के दोबारा निर्माण का फैसला लिया था जो 2002 से 2007 तक चला.

रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टेडियम के अधिकतर कामों के लिए टेंडर निकालने का कोई रिकॉर्ड नहीं है. इसके इलावा डीडीसीए ने स्टेडियम में 12 कॉर्पोरेट बॉक्स बनाए जो उचित प्रक्रिया के बिना कंपनियों को लीज़ कर दिए गए.