नई दिल्ली. सीबीआई छापेमारी पर तीखे आरोप-प्रत्यारोप के बीच दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि सीबीआई टीम दरअसल उनके दफ्तर वित्त मंत्री अरुण जेटली से जुड़ी दिल्ली एण्ड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (DDCA) के भ्रष्टाचार की फाइलें लेने आई थी.

केजरीवाल ने मीडिया से कहा कि सीबीआई टीम राजेंद्र कुमार की आड़ में उनकी फाइलें खंगाल रही थी. केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली एण्ड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन में भ्रष्टाचार की जांच का वो आदेश देने वाले थे और सीबीआई टीम उस फाइल की तलाश में छापा मारने आई थी.

केजरीवाल ने कहा कि सीबीआई के सभी बयान सरासर झूठ हैं और उन्हें इस छापेमारी से बहुत हैरानी हुई है. उन्होंने कहा कि जिस 2007 के मामले को लेकर राजेंद्र कुमार की आड़ में ये छापा मारा गया, उस मामले में कायदे से शिक्षा विभाग में भी रेड पड़ना चाहिए था क्योंकि राजेंद्र कुमार पर ये मामला शिक्षा विभाग का है. 

2007 ठेको की फाइलें कहां है ? ’

केजरीवाल ने ये भी कहा कि 2007 में दिए गए ठेको की फाइलें गायब हैं. किसी को नहीं पता कि वो फाइलें कहा हैं. उन्होंने कहा कि सच तो ये है कि सीबीआई की मंशा पुराने ठेकों की जांच की नहीं बल्कि राजेंद्र कुमार के बहाने मुझे फंसाने की है.

उन्होंने कहा कि अगर राजेंद्र कुमार के खिलाफ सबूत थे तो मुझे क्यों नहीं बताया गया क्योंकि मैंने तो भ्रष्टाचार के आरोप में अपने एक मंत्री और एक अफसर को खुद हटाकर उनके मामले सीबीआई को सौंप दिए.

केजरीवाल ने कहा कि सीबीआई ने सिर्फ मेरे दफ्तर पर छापेमारी क्यों की. जिन मामलों के नाम पर छापे मारे गए वो पूर्व सीएम शीला दीक्षित के समय के हैं और उसमें कई विभाग के मामले हैं. केजरीवाल ने सवाला किया कि शिक्षा विभाग या दूसरे विभाग पर रेड क्यों नहीं मारा गया. 

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी अपनी भड़ास निकाली और कहा कि केजरीवाल किसी से डरने वाला नहीं है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ है और उनके बेटे के खिलाफ सबूत मिले तो उसे भी जेल भिजवा देंगे.