नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकार (FSSAI)  की एक याचिका पर नस्ले और महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया है.  

एफएसएसएआई  ने देश में मैगी नूडल्स से प्रतिबंध हटाने से जुड़े बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. दरअसल एफएसएसएआई ने हाईकोर्ट के 13 अगस्त के आदेश को ‘त्रुटिपूर्ण’ करार देते हुए लैब में मैगी के नमूनों को सही ठहराने पर सवाल उठाया है.

क्या है मामला ?

दरअसल बॉम्बे हाईकोर्ट ने नेस्ले इंडिया की एक याचिका पर फैसला सुनाते हुए मैगी से बैन हटा लिया था. इस याचिका में नेस्ले इंडिया ने तर्क दिया था कि उसके उत्पादों में लेड की मात्रा स्वीकार्य सीमा से अधिक नहीं है. नेस्ले इंडिया ने एफएसएसएआई और एफडीए प्रशासन की तरफ से की गई जांच को चुनौती दी थी.

हाईकोर्ट ने नेस्ले के तर्क को सही माना और फिर उस आधार पर अपना फैसला सुनाया था. हाईकोर्ट के जरिए बैन हटाए जाने के फैसले को एफएसएसएआई ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

बता दें कि जून महीने में खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण ने मैगी की सभी नौ किस्मों को बाजार से हटाने, उसका उत्पादन रोकने और निर्यात बंद करने का आदेश दे दिया था. प्राधिकरण ने कहा था कि मैगी के नमूने स्वास्थ्य के लिए खतरनाक पाए गए हैं.