मुंबई. मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड डेविड हेडली ने अमेरिका से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बॉम्बे के कोर्ट में पेशी के दौरान कहा कि अगर उसे माफी मिले तो वह इस केस का सरकारी गवाह बनने को तैयार है.
 
लश्कर-ए-तैयबा का पाकिस्तानी मूल का अमेरिकी आतंकवादी हेडली फिलहाल अमेरिका में 35 साल की सजा काट रहा है. हेडली 2006 और 2008 के बीच पांच बार भारत आया और ताज, ओबेरॉय होटल और नरीमन हाउस जैसी जगहों के वीडियो बनाए जिसे आतंकवादियों ने 26 नवंबर, 2008 को निशाना बनाया था.
 
इससे पहले नवंबर में मुंबई सेशंस कोर्ट ने मुंबई हमला मामले में हेडली को आरोपी बनाने का फैसला सुनाया था. मुंबई पुलिस की अर्जी पर कोर्ट ने पूछा था कि हमलों में हेडली की भूमिका साबित होने के बावजूद पुलिस ने उसे आरोपी क्यों नहीं बनाया था. 
 
इस फैसले के बाद सरकारी वकील उज्जवल निकम ने कहा था कि हेडली एक साजिशकर्ता है और कोर्ट ने अर्ज़ी स्वीकार करते हुए कहा है कि 10 दिसंबर को वीडियो लिंक के जरिये उसे कोर्ट में हाजिर किया जाए.
 
बता दें कि 24 जनवरी, 2013 को अमेरिकी अदालत ने हेडली को दोषी करार दिया था और मुंबई हमले में भूमिका के लिए 35 साल की जेल की सज़ा सुनाई थी.