नई दिल्ली. दिल्ली में कारों के ईवन-ऑड के फॉर्मूले को सही तरीके से लागू करने को लेकर दिल्ली सरकार की मुहिम जारी है. इस नियम को लागू करने के लिए दिल्ली सरकार को दिल्ली पुलिस का साथ चाहिए, जो कि केंद्र के अधीन है. इसी के मद्देनजर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज गृहमंत्री राजनाथ से मिलेंगे और नियम को लागू करने में केंद्र के सहयोग की मांग करेंगे. उधर, ईवन-ऑड के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है.
 
सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक फॉर्मूला
कारों के सम-विषम फॉर्मूले पर सीएम अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में दिल्ली सरकार की अहम बैठक हुई. इस बैठक के बाद परिवहन मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली सरकार 25 दिसंबर से पहले पूरा प्लान तैयार कर लेगी. उन्होंने कहा कि 1 जनवरी से 15 जनवरी तक इस फॉर्मूले का पहला फेज होगा और सुबह 8 से रात 8 बजे तक यह नियम लागू होगा. रविवार को हर नंबर की गाड़ी को छूट मिलेगी.
 
15 दिन के बाद समीक्षा होगी
पहले 15 दिन के बाद हालात की समीक्षा की जाएगी. गोपाल राय ने कहा कि मेट्रो से फेरे बढ़ाने पर बातचीत जारी है. उन्होंने कहा कि 1000 नई क्लस्टर बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी. इस दौरान 200 जगहों पर प्रदूषण की जांच होगी. बड़े पैमाने पर वॉलंटियर्स भर्ती होंगे जो ऑड-ईवन नियम को लागू करवाएंगे. साथ ही सिविल डिफेंस के लोग भी लगाए जाएंगे. अगले एक हफ्ते में बदरपुर पावर प्लांट बंद करने का नोटिस दिया जाएगा. परसों एक बार फिर केजरीवाल खुद बैठक करेंगे और इसकी समीक्षा करेंगे. टू-व्हीलर पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है. ट्रैफिक पुलिस अपना प्लान लेकर आएगी.
 
फैसले के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई
ईवन-ऑड के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है. याचिका में दिल्ली सरकार के फैसले पर रोक लगाने की मांग की गई है. याचिका में कहा गया है कि सरकार ने यह पता लगाए बिना कि किस वाहन से कितना प्रदूषण फैल रहा है, फैसला जारी कर दिया है. सरकार को भी नहीं पता है कि आखिर इस फैसले से प्रदूषण कम होगा भी या नहीं और होगा तो कितना कम होगा. याचिका में यह भी कहा गया है कि बिना कोई वैकल्पिक व्यवस्था किए सरकार ईवन-ऑड का फॉर्मूला लागू करने जा रही है, जिससे लोगों खासकर महिलाओं की दिक्कतें बढ़ेंगी.