नई दिल्ली. देश में पहले से मौजूद 27 सेस और सरचार्ज में एक और सेस बढ़ने वाला है. केंद्र सरकार महत्वाकांक्षी नेशनल स्किल डेवलपमेंट मिशन के लिए 2 परसेंट सेस लगाने की तैयारी कर रही है.
 
अंग्रेज़ी अखबार हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार सरकार पर्सनल और कॉरपोरेट आयकर भरने वालों पर 2 परसेंट स्किल इंडिया सेस लगाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है. हिन्दुस्तान टाइम्स से केंद्रीय स्किल डेवलपमेंट मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि 2 परसेंट सेस का प्रस्ताव मंत्रालय ने आगे बढ़ा दिया है.
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई महीने में स्किल इंडिया की शुरुआत की थी जिसका लक्ष्य साल 2022 तक 50 करोड़ लोगों में रोजी-रोजगार के लायक कौशल विकसित करना है. मंत्रालय के मुताबिक इस प्रोजेक्ट के लिए 4 लाख करोड़ रुपए की जरूरत होगी जबकि 2015-16 वित्तीय वर्ष के लिए इस मद में 15 हजार करोड़ ही आवंटित किया गया है.
 
मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक स्किल इंडिया सेस लगाने का एक प्रस्ताव पहले भी वित्त मंत्रालय को भेजा गया था लेकिन वित्त मंत्रालय ने उसे नामंजूर कर दिया था. अब प्रस्ताव में जरूरी बदलाव करके इसे फिर से वित्त मंत्रालय को भेजा गया है. मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार भारत में मात्र 4.7 परसेंट लोगों के पास पेशेवर शिक्षा है जबकि विकसित देशों में यह परसेंटेंज 60 परसेंट तक है.
 
इस समय सरकार अलग-अलग मकसद से 27 सेस और सरचार्ज वसूल रही है. सबसे नया सेस 0.5 परसेंट का स्वच्छ भारत सेस है जो 15 नवंबर से लागू हुआ है. केंद्र सरकार की टैक्स आय का करीब 17 परसेंट हिस्सा सिर्फ सेस और सरचार्ज का है. सेस से आया पैसा सरकार किसी प्रोजेक्ट में लगाती है जिसके नाम पर वो सेस लगाया गया हो वहीं सरचार्ज का पैसा केंद्र सरकार के समेकित फंड में जमा हो जाता है.