नई दिल्ली. दलित एक्टिविस्ट और लेखक कांचा इलैया का मानना है कि देश के पहले गृह मंत्री सरदार पटेल अगर भारत के पहले प्रधानमंत्री बनते तो देश की हालत पकिस्तान जैसी ही होती. उन्होंने महात्मा गांधी पर कहा कि वे गाय की पूजा के पक्ष में थे और इसे संविधान में शामिल करने के पक्ष में थे, लेकिन खुद बकरी का दूध पीते थे.
 
रविवार को टाइम्स लिट फेस्ट में इलैया ने कहा, “अगर पंडित नेहरू की जगह पटेल देश के पहले प्रधानमंत्री बनते तो भारत की हालत भी पाकिस्तान जैसी होती और देश और डेमोक्रेसी खत्म हो जाते.” उन्होंने आगे कहा कि पटेल का नाम इसलिए ज्यादा उभरा, क्योंकि 2014 के लोकसभा इलेक्शन में नरेंद्र मोदी ने उनका बार-बार जिक्र किया. मोदी ने कहा कि अगर पटेल पीएम बनते तो भारत आज कुछ और होता। पटेल को ज्यादा ही तवज्जो दी गई. पटेल नहीं चाहते थे कि बाबा साहेब आंबेडकर संविधान लिखें. पटेल हिंदू महासभा के करीबी थे. 
 
कौन हैं इलैया?
आंध्र प्रदेश के रहने वाले कांचा इलैया मशहूर लेखक हैं. 63 साल के इलैया ‘व्हाय आय एम नॉट ए हिंदू, पोस्ट-हिंदू इंडिया’, ‘ए डिस्क्लोजर इन दलित-बहुजन, सोशियो-स्पिरिच्युअल एंड साइंटिफिक रेवोल्यूशन’ जैसी किताबें लिख चुके हैं. हाल ही में उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी की भी आलोचना की थी. उन्होंने कहा था कि मोदी घोषित ओबीसी पीएम हैं लेकिन बड़ा सवाल यह है कि वे दलितों के लिए क्या कर रहे हैं?