नई दिल्ली. संसद के शीतकालीन सत्र में असहिष्णुता पर चर्चा के दौरान संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि किताबों और फिल्मों पर बैन के लिए पॉलिसी हो. लेखकों को दूसरी की भावनाओं का भी ख्याल रखना चाहिए. उन्होंने राज्यसभा में चर्चा के दौरान कहा, ”पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में कुछ भी गलत नहीं हुआ, देश में पूरी तरह सहिष्णुता बरकरार है. जब देश में इमरजेंसी लगाई गई और सारे संवैधानिक अधिकार छीन लिए गए, तब ये सब चुप थे पर आज विरोध कर रहे हैं.”
 
इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव ने कहा, ”दुनिया में सबसे ज्यादा सहिष्णुता इसी देश ने दिखाई, कुछ मामलों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना देश के हित में नहीं.’ इससे पहले संसद की कार्यवाही शुरु होने से पहले कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने असहिष्णुता के साथ-साथ महंगाई पर भी चर्चा की मांग की.