नई दिल्ली. जंग के हालातों में इंडियन एयरफोर्स देश के हाईवेज का इस्तेमाल करने की योजना जल्द में अमल लायी जाएगी. एयरफोर्स चाहती है कि देश के चुनिंदा हाईवे ऐसे हों जहां से फाइटर जेट लैंडिंग और टेकऑफ कर सकें. इसके लिए एयरफोर्स ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) पाकिस्तान से सटे राज्यों में 8 हाईवे को रोड रनवे लायक बनाने के लिए तैयार हो गयी है. 
 
यमुना एक्सप्रेस वे पर हो चुकी है टेस्टिंग
गौरतलब है कि इसी साल मई में मथुरा के पास यमुना एक्सप्रेस वे पर एयरफोर्स ने अपना फाइटर प्लेन उतार कर इसकी टेस्टिंग की थी. 21 मई को ‘मिराज-2000 ‘ को यमुना एक्सप्रेस वे पर उतारा गया था. एयरफोर्स के एक हेलिकॉप्टर ने भी एक्‍सप्रेस वे पर लैंडिंग की. इसके लिए ग्रेटर नोएडा और आगरा को जोड़ने वाले यमुना एक्‍सप्रेस वे को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया था.
 
पाकिस्तान से सटे राज्यों की सड़कों पर ज्यादा जोर
एक अंग्रेजी अखबार की खबर के मुताबिक, एयरफोर्स NHAI के साथ मिलकर सबसे पहले गुजरात, राजस्थान और पंजाब जैसे राज्यों में हाईवे को रोड रनवे लायक बनाना चाहता है. इसके पीछे कारण यह है कि ये तीनों राज्य पाकिस्तान से सटे हुए हैं. शुरुआती प्लानिंग के तहत राजस्थान और पंजाब में आठ हाईवे सलेक्ट कर लिए गए हैं.
 
भारत के लिए क्यों ज़रूरी हैं ऐसी सड़कें
बीबीसी की 1971 की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तानी एयरफोर्स के कुछ प्लेन आगरा तक आ गए थे. हालांकि, वे बम बरसाने में नाकाम रहे थे. इंडियन एयरफोर्स ने उन्हें खदेड़ दिया था लेकिन तभी से यह माना जाता रहा है कि देश के अंदर फाइटर प्लेन उतारने के लिए ऑप्शन्स होने चाहिए. पाकिस्तान में दो मेन हाईवे हैं. एम-1 मोटरवे पेशावर को इस्लामाबाद से जोड़ता है. वहीं, एम-2 मोटरवे लाहौर को इस्लामाबाद से जोड़ता है. दोनों मोटरवे पर पाकिस्तान ने दो-दो हिस्से को इमरजेंसी रनवे घोषित कर रखा है.
 
एजेंसी इनपुट भी