नई दिल्ली.  अगर आप अपनी फेसबुक प्रोफाइल पिक्चर को तिरंगे में रंग कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान का समर्थन कर रहे हैं तो आप गलत है और आप अनजाने में internet.org का समर्थन कर रहे है.

दरअसल फेसबुक डीपी को तिरंगे में रंगने के लिए फेसबुक ने जो लिंक दिया है उसके HTML में internetorgprofilepicture  लिखा हुआ है. यानि लोग अनजाने में ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान का समर्थन नहीं बल्कि internet.org का समर्थन कर रहे है.

फेसबुक ने दी सफाई

विवाद बढ़ने के बाद फेसबुक ने एक बयान जारी करते हुए कहा है कि डीपी बदलने का डिजिटल इंडिया और internet.org से कोई संबंध नहीं है. एक इंजीनियर ने गलती से कोड में internetorgprofilepicture का प्रयोग किया था लेकिन ये internet.org का समर्थन नहीं करता है. हम ये कोड बदल रहे है.

क्या है internet.org ?

फेसबुक ने रिलायंस कम्‍युनिकेशन के साथ मिलकर विकासशील देशों में इंटरनेट मुफ्त एक्‍सेस करने की जरूरत को देखते हुए एक नया कदम उठाया था. जिसके लिए फेसबुक ने Internet.org की सर्विस शुरू की. इस सर्विस के तहत लोग रिलांयस कनेक्‍ट के जरिये मुफ्त में कई वेबसाइटों का उपयोग कर सकते हैं. लोगों का मानना है कि Internet.org भी नेट न्‍यूट्रैलिटी के खिलाफ यूजरों को कुछ ही साइटों को एक्‍सेस करने का मौका देता है. इसी के बाद से फेसबुक का ये प्रोग्राम नेट न्यूट्रैलिटी के समर्थन में मुहिम चलाने वालों के निशाने आ गया था.

मार्क जुकरबर्ग ने की थी अपील

मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान फेसबुक के मुख्यालय जाने से पहले फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने डिजिटल इंडिया का समर्थन करते हुए अपनी प्रोफाइल पिक्चर को तिरंगे में रंग कर लोगों से डिजिटल इंडिया का समर्थन करने की अपील की थी. जिसके बाद लोगों ने इस अभियान का समर्थन करते हुए अपनी प्रोफाइल पिक को तिरंगे में रंगना शुरू कर दिया.