न्यूयॉर्क. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि यूएन के डेवलपमेंट 2030 मिशन में भारत के डेवलपमेंट एजेंडा की भरपूर झलक मिलती है. मोदी ने क्लाइमेट जस्टिस शब्द को सामने रखकर कहा कि विकसित देश क्लाइमेंट चेंज पर कमिटमेंट पूरा करें और हम सब स्वच्छ पर्यावरण के लिए जीवनशैली बदलें.
 
सम्मिट को हिन्दी में संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की प्रासंगिकता बनी रहे इसके लिए सुरक्षा परिषद में सुधार जरूरी है. हम यहां इसलिए हैं क्योंकि अंतरराष्ट्रीय साझीदारी बहुत जरूरी है और भारत हमेशा से पूरी दुनिया को एक परिवार मानता रहा है.
 
बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ को घर-घर का मंत्र बना दिया- मोदी
महात्मा गांधी के जिक्र से भाषण की शुरुआत करते हुे मोदी ने कहा कि हम सब एक ऐसी दुनिया का सपना देख रहे हैं जिसमें गरीबी नहीं हो और गरीबी खत्म करना भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने भारत में बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ को घर-घर का मंत्र बना दिया है.
 
उन्होंने कहा कि भारत में लोगों की बेहतरी के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं. शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट सरकार की प्राथमिकता में है. लोगों को आर्थिक रूप से मुख्यधारा में लाने के लिए करोड़ों बैंक खाते खोले गए हैं. गरीबों के लिए पेंशन योजना और बीमा योजना चल रही है.
 
हमने पर्सनल सेक्टर की शुरुआत की है जिसमें व्यक्ति का विकास करते हैं- मोदी
मोदी ने कहा कि दुनिया आर्थिक विकास में प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर की बात करती है लेकिन हमने भारत में एक नए सेक्टर के विकास की शुरुआत की है जिसे हम पर्सनल सेक्टर कहते हैं और इसके तहत व्यक्ति के विकास की बात करते हैं.