वाशिंगटन. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी संसद के ज्वाइंट सेशन को संबोधित किया है. पीएम मोदी अमेरिकी संसद को संबोधित करने वाले छठे भारतीय प्रधानमंत्री बने गए हैं. पीएम मोदी से पहले जवाहर लाल नेहरु, अटल बिहारी वाजपेयी, राजीव गांधी, नरसिम्हा राव, और मनमोहन सिंह को भी यह मौका मिल चुका है.
 
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आतंकवाद पर साधा निशाना 
मोदी ने आतंकवाद को दुनिया की बड़ी परेशानियों में से एक बताते हूए कहा कि अमन के लिए आतंकवाद का खात्मा जरुरी.  मोदी ने कहा कि हमारे पड़ोस में आतंक का गढ़ है लेकिन भारत-अमेरिका आतंक के खिलाफ एक साथ हैं.
 
मोदी ने कहा कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता और दोनों देशों को सुरक्षा में सहयोग बढ़ाना होगा. मोदी ने अपने भाषण में कहा कि अमेरिकी संसद से आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ा संदेश जाना चाहिए.
 
अमेरिका से रिश्ते हैं मजबूत
मोदी ने अपने भाषण में दोनों देशों की रिश्ते की बात रखी और कहा कि भारत-अमेरिका दोनों देशों का समानता और लोकतंत्र में विश्वास है. मुंबई हमलों के बाद अमेरिका हमारे साथ खड़ा रहा. इस बीच ओबामा की तारीफ करते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने भारत-अमेरिका के रिश्तों को नया आयाम दिया है. साथ ही परमाणु समझौतों ने दोनों ने देशों के रिश्ते को भी मजबूत किया है. 
 
भारत में आ रहे हैं बदलाव
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में सामाजिक और आर्थिक बदलाव आ रहे हैं और भारत में 100 स्मार्ट सिटी बनाना हमारा लक्ष्य है. साथ ही हर भारतीय को आर्थिक तौर पर निर्भर बनाना है और 2022 तक देश के हर गांव में इंटरनेट पहुंचाना है.
 
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44 मिनट के भाषण में पीएम मोदी ने योग को लेकर भी बाते रखी जिसमें उन्होंने कहा कि 3 करोड़ लोगों का अमेरिका में योग करना भारत की देन. मोदी के भाषण के दौरान 9 बार लोगों ने स्टेंडिंग ओवेशन दिया.