नई दिल्ली: दशकों से देश में गाड़ी की छत पर लालबत्ती का मतलब सत्ता ही रहा है. संवैधानिक पदों पर बैठे नेता और बड़े-बड़े अफसरों के लिए लाल-नीली बत्ती प्रोटोकॉल का हिस्सा थी, जिसे मोदी सरकार ने खत्म कर दिया है. कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों ने अपनी-अपनी गाड़ियों से लालबत्ती हटा भी दिया है.
 
लेकिन, क्या सिर्फ लालबत्ती हटाने भर से वीआईपी कल्चर खत्म हो जाएगा ? सत्ता में बैठे लोगों को सादगी सिखाने के लिए शासनादेश जारी करने की नौबत क्यों आई ?
 
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