नई दिल्ली. मथुरा में बेतुकी डिमांड पर सत्याग्रह करने के नाम पर सरकारी ज़मीन कब्ज़ाई गई और कोर्ट के आदेश पर जब पुलिस ने ज़मीन खाली कराने की कोशिश की. इस बीच ऐसा खूनी खेल शुरू हो गया जिसमें 2 पुलिस अफसरों समेत 24 लोग मारे गए.
 
भारी मात्रा में कारतूस, राइफल मिले
एडीजी लॉ एंड ऑर्डर दलजीत चौधरी ने बताया कि ‘पुलिस ने जवाहर बाग से भारी मात्रा में कारतूस, राइफल और पिस्तौल बरामद किया गया. इतना ही नहीं घटनास्थल से ग्रेनेड और बारूद भी बरामद हुए.’
 
एडीजी ने बताया प्रदर्शनकारी गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल थे. एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने ये जानकारी भी दी कि पुलिस कर्मियों पर हमला करने वाले 200 लोगों की पहचान की गई है जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर उनके खिलाफ उचित कानूनी धारा के तहत कार्यवाही की जाएगी.
 
सवाल उठ रहा है कि मथुरा में उपद्रव का असली जिम्मेदार कौन है? दो साल तक तमाशा क्यों देखती रही यूपी सरकार? इंडिया न्यूज के खास शो बड़ी बहस में आज इसी अहम मुद्दे पर पेश है चर्चा.
 
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