नई दिल्ली. दिल्ली में यमुना किनारे आज से श्री श्री रविशंकर का वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल शुरू हो गया है. इस फेस्टिवल में 155 देशों के 35 लाख लोग आने वाले हैं. इस कार्यक्रम में अलग-अलग संस्कृतियों की झांकी दिखाने के लिए 35 हज़ार से ज्यादा कलाकार अपनी प्रस्तुती देंगे. इस महोत्सव के साथ ही अगले दो दिनों तक पूर्वी दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में ग्लोबल लीडरशिप फोरम भी है, जहां देश और दुनिया के बड़े नेता मौजूदा चुनौतियों और उम्मीदों पर चर्चा करेंगे. लेकिन, इस कार्यक्रम की चर्चा अब तक सिर्फ विवादों के लिए हो रही है.
 
कार्यक्रम शुरू होने से चंद घंटे पहले तक नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में ये बहस होती रही कि क्या श्री श्री के इस मेगा शो को मंजूरी मिलनी चाहिए? संसद में भी शरद यादव जैसे दिग्गज नेता इस आयोजन पर एतराज जताते रहे. इस कार्यक्रम की भव्य शुरुआत के बावजूद इस बात पर बहस जारी है कि क्या पर्यावरण के नाम पर श्री श्री के मेगा शो पर विवाद बेमानी है..? अगर गंगा किनारे कुंभ हो सकता है, तो यमुना किनारे उत्सव क्यों नहीं..
 
यमुना किनारे श्री श्री रविशंकर के कार्यक्रम को लेकर एनजीटी ने पांच करोड़ का जुर्माना ठोका है, जिसे भरने के लिए आज तक की डेडलाइन है, हालांकि पांच लाख रुपए आज जमा कर दिए हैं. बाकि के चार हफ्तों में 4 करोड़ 75 लाखा चार हफ्तों में देने को कहा है.
 
वहीं इस मामले को लेकर संसद में भी हंगामा हुआ. विपक्ष ने पूछा कि अभी तक 5 करोड़ का जुर्माना नहीं भरा गया. क्या क्या श्री श्री रविशंकर कानून से ऊपर हैं. कांग्रेस के सांसद जयराम रमेश ने कहा कि इस कार्यक्रम से इकोलॉजी को नुकसान होगा.
 
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