नई दिल्ली. भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते सुधरने में सबसे बड़ा रोड़ा है आतंकवाद. पाकिस्तान ने अब 61 संगठनों पर पाबंदी लगाने का एलान किया है, लेकिन इसमें हाफिज सईद का संगठन जमात उद दावा शामिल नहीं है.

पाकिस्तान का आंतरिक सुरक्षा मंत्रालय जमात उद दावा पर नजर रखने का दावा कर रहा है और पाकिस्तान में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर नजर रखने वाली एजेंसी ने जमात उद दावा के मीडिया कवरेज पर बैन लगा रखा है.

इसके बावजूद हाफिज सईद रैलियां कर रहा है, एफआईएफ नाम के अपने चैरिटी विंग के जरिए खुद को इस्लाम के पैरोकार के तौर पर पेश कर रहा है और पाकिस्तान की सरकार हाफिज सईद का तमाशा चुपचाप देख रही है.

ऐसे में जमात उद दावा पर नज़र रखने की बात साल का सबसे बड़ा मज़ाक नहीं तो और क्या है. आज इंडिया न्यूज़ और लाहौर से दिन न्यूज़ के बीच इसी मुद्दे पर सरहद आर-पार बड़ी बहस होगी कि हाफिज़ सईद की निगरानी का सच क्या है ?

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