नई दिल्ली. दिल्ली के शकूर बस्ती रेलवे स्टेशन का विस्तार करने का प्लान कई साल पहले बन चुका था. दिल्ली की शीला दीक्षित सरकार ने फरवरी 2013 में रेलवे से कहा था कि शकूर बस्ती स्टेशन के पास की ज़मीन का इस्तेमाल किया जाए.
 
शनिवार को रेलवे ने ज़मीन खाली कराने के लिए झुग्गियां हटवाईं, तो हज़ारों लोग बेघर हुए और इसी दौरान एक मासूम की मौत हो गई. अब केजरीवाल सरकार इसके लिए रेल मंत्रालय को जिम्मेदार ठहरा रही है और बीजेपी कह रही है कि केजरीवाल राजनीति कर रहे हैं.
 
उधर कांग्रेस ने सड़क, संसद और अदालत तीनों मोर्चों पर जंग छेड़ दी है. शकूर बस्ती स्टेशन के पास बनी झुग्गियों में ऐसा संकट आ सकता है, इसकी जानकारी कांग्रेस, बीजेपी और केजरीवाल सबको थी. फिर मामले को संजीदगी से क्यों नहीं निपटाया गया?
 
अब ये बहस बड़ी हो गई है कि क्या शहरों के विकास के लिए बेघरों को बलि चढ़ाया जाएगा ? क्या शकूर बस्ती के बहाने हर कोई अपनी राजनीति चमका रहा है ? 
 
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