नई दिल्ली. नई दिल्ली. अगर आप अपनी फिटनेस जानने के लिए इस्तेमाल कर रहे रिस्टबैंड ट्रैकर से असहज महसूस कर रहे हैं तो इसे निकाल फेंके, क्योंकि आपका स्मार्टफोन ही कहीं बेहतर तरीके से आपकी फिटनेस पर नजर रख सकता है. मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान के रिसर्चरों ने इस बात का खुलाशा किया है. 
 
एमआईटी के रिसर्चरों ने एक ऐसा बायोफोन बनाया है जिससे हृदयगति, श्वांस प्रणाली और अन्य फीजियोलॉजिकल मेजरमेंट को जान सकते हैं. इसके लिए स्मार्टफोन को शरीर से पास रखने की जरूरत भी नहीं है. इसका एक्सिलिरोमीटर आपके शरीर से निकलने वाले बायोलॉजिकल सिग्नल का इस्तेमाल करता है और आपके शरीर की गतिविधि पर नजर रखता है.
 
रिसर्चर जेवियर हर्नाडीज के अनुसार, बायोफोन को इस तरह बनाया गया है कि यह तब भी आंकड़े लेता रहता है जब आप ज्यादा हिलते-डुलते नहीं हैं और बायोफोन से मिले आंकड़ों का उपयोग इसे इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति के तनाव में होने का पता लगाने में किया जा सकता है और इससे छुटकारा पाने में भी.
 
हालांकि रिसर्चर इस पहलू पर काम कर रहें हैं कि जब स्मार्टफोन आपके शरीर के दूसरे हिस्सों के करीब हो तब कैसे बिल्कुल सही-सही हृदयगति और श्वांस गति को मापा जा सकता है. IANS