नई दिल्ली. भारतीय महिलाओं में कॉस्मेटिक सर्जरी को लेकर काफी लोकप्रियता बढ़ती जा रही है. इसका कारण यह है कि आज के समाज ने इस बात को स्वीकार कर लिया है कि औरतें भी सेक्शुअल सटिस्फैक्शन की चाह रखती हैं जिससे उनकी ज़िन्दगी में खुशियाँ आएं. वो भी अपनी जिंदगी उसी तरह जिएं जिस तरह एक पुरुष जीत है.
 
इंडियन एसोसिएशन ऑफ एस्थेटिक प्लास्टिक सर्जन्स के सचिव डॉ. अनुप धीर के मुताबिक़, जेनिटल कॉस्मेटिक जैसी उपयोगी सर्जरी की चर्चा बहुत कम होती है. तभी आज लाखों औरतों को ऐसी सर्जरी के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है जो उन्हें उनकी यौन सम्बंधित परेशानियों से छुटकारा दिला सकती हैं.
 
लैबियाप्लास्टी (लैबिया रिडक्शन और कॉस्मेटिक एन्हांसमेंट):
लैबियाप्लास्टी एक कॉस्मेटिक जेनिटल सर्जिकल प्रक्रिया है जो लैबिया, वजाइना के बाहर परत जैसा होता है. वो इसके आकार को छोटा करती है या बदल देती है. बहुत सी महिलाएँ शादी से पहले सेक्स करती हैं और उनकी शादी होने वाली होती है तो वो महिलाएं ससुराल में शर्मिंदा न हो इसके लिए लैबियाप्लास्टी सर्जरी कराती हैं. डॉ. अनुप धीर बताते हैं कि ऐसी स्थिति में जो महिलाएँ बहुत ही तंग अंडरक्लॉथ्स पहनती हैं उन्हें जलन की शिकायत हो सकती है. भविष्य में महिलाओं को यौन सम्बन्ध बनाने, खेल-कूद और दूसरे फिजिकल कामों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. लैबियाप्लास्टी लैबिया के आकर को सटीक बनाती है और महिलाओं को किसी भी तरह के जननांग संबंधी तकलीफ़ों से राहत दिलाती है.
 
वजाइनोप्लास्टी:
महिलाओं को उनकी बढ़ती उम्र के साथ जननांग से जुड़ी परेशानियाँ झेलनी पड़ती हैं. ख़ासकर बच्चे के जन्म के बाद उनका वजाइना अपना तंग आकर छोड़ ढीला पड़ने लगता है. वजाइनोप्लास्टी एक ऐसी सर्जिकल तकनीक है जो वजाइना के माँस को टाइट करती है. इससे महिलाओं को यौन संबंध बनाने में आसानी होती है और सम्पूर्ण आनंद का अनुभव होता है. ये सर्जरी वो महिलाएं कराती हैं जो शादी की सालगिरह पर अपने पति को वही रुप दें जो उन्हें सुहागरात पर मिले.
 
हाइम्नोप्लास्टी:
‘हाइमन’ एक पतला, गोल और झिल्लीनुमा पदार्थ होता है. ये वजाइना के खुलने की जगह को आंशिक रूप से ढँकता है. अमूमन, हाइमन पहली बार यौन संबंध बनाने पर टूटता है जिससे थोड़ा ख़ून आता है. हालाँकि ये जरूरी नहीं है कि हाइमन के टूटने की वजह सेक्स ही हो. ये किसी सामान्य तरीक़े की गतिविधियों से भी टूट सकता है, जैसे घुड़सवारी और साइक्लिंग की वजह से. ऐसे में महिलाएं इस तरह की सर्जरी करवाती हैं. इस सर्जरी के बाद वो अपनी वजाइना को वही आकर दे देती हैं, जो नेचुरल होता है.
 
ये हाइमन महिलाओं के यौन संबंध बनाने में किसी भी तरह से भाग नहीं लेता. आमतौर पर हमारे समाज में ये लड़कियों के कुँवारी होने का एक सबूत होता है. हाइम्नोप्लास्टी एक सर्जिकल तकनीक है जो महिलाओं के हाइमन को टूटने के बाद उसे दोबारा जोड़ती है. डॉ. धीर मानते हैं कि हाइम्नोप्लास्टी उन महिलाओं के लिए बेहद मददगार है जो किसी कारण से अपना हाइमन टूट जाने के बाद उसे जुड़वाना चाहती हैं.