अगरतला. एक तरफ देश में जहां सांप्रदायिक माहौल बढ़ रहा है वहीं त्रिपुरा में हिंदु-मुस्लिम भाईचारे का एक अनूठा संगम देखने को मिला है. राज्य के अनेक हिस्सों में सभी धर्मो के लोग एक साथ दुर्गा पूजा का उत्सव मनाते हैं. 
 
राज्य के सिपाहीजाला जिले में ‘ब्लड ड्रोप’ क्लब हर साल दुर्गापूजा आयोजित करता हैं. पूजा समिति के अध्यक्ष बसरूद्दीन भुइयां ने कहा कि इस दुर्गा पूजा को हिंदु-मुस्लिम साथ मिलकर बनाते हैं. दशहरा के दिन साथ डांस करते हैं. उन्होंने कहा कि ये पर्व सभी का है. तो हम सभी एक साथ मिलकर इसे क्यों नहीं मना सकते. यह त्रिपुरा है. हम यहां साथ जीना और साथ मरना चाहते हैं.
 
इसी ग्रुप के सदस्य सुबोध नामा का कहना है कि पूरे त्रिपुरा में मुस्लिमों की आबादी आठ फीसदी है, लेकिन कुलूबाड़ी और दुर्गापुर, दोनों गांवों की 90 फीसदी आबादी मुस्लिमों की है. यहां कई सालों से हिंदू-मुस्लिम समुदाय के पुरुष, महिलाएं, और बच्चे साथ-साथ पूरे भक्ति भाव से दुर्गा पूजा मनाते आ रहे हैं. इसमें कुछ गलत नहीं है. हम लोग केवल इंसानियत के धर्म को मानते हैं.
 
कैलाशहर में नेताजी संघ पूजा कमेटी के अध्यक्ष अनूप रॉय ने कहा कि यहां राज्य हर हिस्सों में इसी तरह पूजा मनाते हैं. सप्तमी से दशमी तक हम साथ रहते हैं,  साथ खाना खाते हैं. इस पूजा कमेटी में पूजा समिति के सचिव एक दलित है और उपाध्यक्ष और संयुक्त सचिव मुसलमान है. हम पूजा के लिए सभी लोग एक साथ काम करते हैं, यहां कभी किसी को अलग नहीं समझा जाता.