नई दिल्ली. अल्फा वन ग्रुप के एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि मधुमेह से पीड़ित लोगों में नपुसंकता से लक्षण बेहद आम होते हैं. अल्फा वन ग्रुप ने करीब 40 से 60 साल की उम्र के करीब 1100 मधुमेह पीड़ित लोगों पर यह रिसर्च किया, जिसमें से 38 प्रतिशत पुरुषों में नपुंसकता के लक्षण पाए गए.  
 
हालांकि अब आपको इस समस्या से परेशान होने की जरूरत नहीं है. अल्फा वन ग्रुप के डायरेक्टर डॉ अनूप धीर का कहना है कि नई तकनीक के चलते मधुमेह से पीड़ित लोगो को नपुंसक्ता से निजात दिलाया जा सकता है. इस रिसर्च में पाया गया कि हर 10 भारतीय पुरुषों में से 1 पुरुष नपुंसक्ता की समस्या से पीड़ित रहते है वही 10 प्रतिशत पुरुषों में 20 साल के ऐज ग्रुप नपुंसकता को देखा जाता है इरेक्टाइल डिसफंक्शन के 40% उम्र के 40 साल बाद पुरुषों में पाया जाता है.
 
अल्फ़ा वन एंडरोलॉजी ग्रुप के डायरेक्टर डॉ अनूप धीर एक प्लास्टिक सर्जन हैं हालांकि उन्होंने नपुंसकता से जूझ रहे कई सारे लोगों का इलाज़ किया है. धीर बताते हैं कि जीवन में सेक्स की कमी से कई लोगों कई सारे मानसिक रोगों के शिकार भी हो जाते हैं. हालांकि सही समय पर इलाज़ कराया जाए तो करीब 90 प्रतिशत लोगों के ठीक होने की गारंटी दी जा सकती है.