न्यूयार्क: आज का समय सोशल मीडिया का है और इस सोशल मीडिया के जमाने में लोग की पसंद भी बदली है. आज का जमाना ऐसा है जहां ब्यूटी, खूबसूरती, अच्छा दिमाग का कोई स्टैंडर्ड सेट नहीं है. बॉडी की साइज जीरो है या डबल एक्सल है जो भी है लोग काफी पॉजिटीव तरीके से लेते हैं.
 
वहीं दूसरी तरफ ये बिल्कुल हैरान करने वाली बात नहीं है कि आज के बच्चे या यंग लड़कियां अपना वजन कम करने के लिए कई तरह की अलग डाइट या दूसरे तरह की टिप्स फॉलो करती है. आज 21st सेंचुरी में बॉडी की साइज को लेकर लोग स्ट्रगल कर रहे हैं ताकि इंस्टाग्राम पर फोटो डाल सकें. अच्छा दिखना या फिट दिखना ये अपने आप में अच्छा आइडिया है लेकिन इसके लिए पूरा दिन भूखा रहना ताकि आप साइज जीरो के हो जाए ये आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही खतरनाक साबित हो सकता है.
 
आपको एक अजीब सा सच बताने जा रहे हैं, आज के समय में सबसे ज्यादा अस्वस्थ्य लोग आपको मॉडलिंग इंडस्ट्री में मिलेंगे. ‘इंटरनेशनल फैशन वीक’ हो या दूसरे फैशन शो हो आप देख सकते हैं कि पतली मॉडल सालों से रैंप पर कैट वॉक करती हैं. लेकिन यह बहुत बड़ी विडंबना है कि जिस कपड़े को ये मॉडल प्रमोट करती हैं ये आम औरत के लिए पहनना बहुत ही मुश्किल है. अक्सर यह देखा गया है कि ज्यादातर औरतें बिल्कुल फिटींग साइज की कपड़े पहनना पसंद नहीं करती.
 
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अक्सर इन मॉडल और एक्टर को ब्यूटी का प्रतीक माना जाता है. अगर दूसरे शब्दों में कहे तो ये अपने शरीर की सौदेबाजी करते हैं. इनमें से ज्यादातर मॉडल ‘इटिंग डिसऑर्डर’ से ग्रसित होती हैं और जिसकी वजह से इनकी खूबसूरती भी खतरे में पड़ जाती है.
 
 
BBC रिपोर्ट्स के मुताबिक विश्व की लक्जरी कंपनियों के संगठन साथ ही कई फैशन ब्रांड Christian Dior, Loius Vuitton, Celine and Gucci जैसी कंपनी ने फैसला किया है कि ये जीरो साइज की मॉडल को अपने फैशन शो में बैन कर दिया है.
 
 
आपको याद दिला दे की फ्रांस सरकार ने कुछ दिन पहले ही अल्ट्रा थीन मॉडल को देश में बैन किया था. इस फैसले के कुछ महीने के बाद ही इन बड़ी कंपनियों ने इन मॉडल को बैन करने का फैसला किया है.
 
 
आपको बता दें कि इन बड़ी कंपनी में काम करने के लिए मॉडल की साइज ये थी फ्रेंच साइज 32, यूएस साइज 6 और यूके साइज जीरो है. बता दें कि LVMH ने मॉडल के साइज को लेकर एक प्रेस रिलीज जारी किया. इस प्रेस रिलीज में ये बात साफ रखी गई कि इतनी बड़ी कंपनी होने की वजह से हमारा कर्तव्य बनता है कि हम विश्व में एक अच्छा उदाहरण पेश करें.