नई दिल्ली:  आज कल इंसानों की जिंदगी में मोबाइल फोन्स और इंटरनेट ने अपना जाल इतना फैला लिया है कि इंसान जागते-सोते, आते-जाते सिर्फ और सिर्फ उसी के बारे में सोचता है. ऐसा लगता है कि सोशल मीडिया ने इंसानी दिमाग पर पूरी तरह से कब्जा जमा लिया है. लोगों के फोन में इतने अधिक एप्स होते हैं कि सबको अगर ब्राउज करें तो न जाने कितना समय बर्बाद हो जाता है.
 
दरअसल, सच कहूं तो अब फोन के एप्स डिस्ट्रैक्शन का काम करने लगे हैं. लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल इस कदर कर रहे हैं कि एक एप्प बंद किया नहीं कि दूसरे के नोटिफिकेशन याद दिलाने लगते हैं कि अभी उसे भी ब्राउज करना है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि अगर फेसबुक. व्हाट्सएप्प और इंस्टाग्राम आमदी या औरत होते तो क्या बोलते.
 
जब आप दस तरह के एप्प से उसके बिना बोले परेशान और डिस्ट्रैक्ट हो जाते हैं, तो उस स्थिति के बारे में जरा कल्पना कीजिए, जब एक साथ हर एप्प के नोटिफिकेश को सुनाने आदमी या औरत आते. जी हां, अगर आप ये जानना चाहते हैं कि अगर ये सोशल मीडिया के तमाम माध्यम अथवा एप्प आदमी और औरत होते तो वे क्या बोलते और आपका रियेक्शन कैसा होता, तो आपके लिए एक मजेदार वीडियो है. 

ऑल इंडिया बकचोद का ये वीडियो न सिर्फ मजेदार है, बल्कि इसमें एक अलग तरह का संदेश भी है, जो आपको बताता है कि ये एप्स सिर्फ इंसान को डिस्ट्रैक्ट ही कर सकते हैं. इस वीडियो को देखिये और समझने की कोशिश करिये कि आखिर आपकी जिंदगी को सोशल मीडिया के तमाम एप्प किस कदर आपको जकड़ चुके हैं, जिससे आपका दिनचर्या खराब हो रहा है. 
 
हर दिन इंसान की नींद और इन एप्स में जोरदार झगड़ा होता है. यानी कि इन एप्स में सोने के समय लोग न सिर्फ अपना समय बर्बाद करते हैं, बल्कि दस तरह की चीजों से उनका दिमाग भी डिस्ट्रैक्ट होता है. व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट और अन्य तरह के एप्स लोगों के दिमाग की ऐसी दही बनाता है कि सही से नींद भी नहीं आती है.